Tuesday, April 4, 2017



Pundit Ji Ke Totke


Jaroor Siddh Honge Sabhi Kaam
Pandit Ji Ke Totke

Kuch khas sadhnay aur totke kiye jaay to manushya ko dhaan ki prapti avshya hoti hai aur ghar mein sukh shanti aati hai.  Ye totke bilkul saral hai aur uske liye jaroori cheeze bhi sahaj hi mein uplbadh ki ja sakti hai.  Is mein aapko purna sharddha avashya honi chahiye.

Pundit Ji Ke Totke


Labhdayak Totke Aur Upay:-

1.  Ridhi-Sidhi Ki Vridhi Hetu Yah Karein-
Agar aap aarthik tangi ke dor se gujar rahein hai aur pareshani ki position mein apni garhasti ka sanchalan kar rahein hai to shaniwar ke din chaar ghado (matko) ko paani se bharkar kisi kamre (room) mein rakh de.  Doosare din ravivar (sunday) ko ek matke ka paani kisi kue mein khaali kar de aur phir next sunday ko doosare matke ka paani us hi kue mein khaali kar de aur phir next sunday ko teesare matke ka paani khali kar de aur fourth sunday ko fourth matke ka paani khali kar de.  Matka khaali karte wakt aapko kisi se baat nahi karni hai aur aapko koi vykti tokey na aur aapko matka ghar nahi lana hai wahi fod dena hai aur wapis aate wakt peeche mud kar nahi dekhna hai.  Aap kuch hafto mein labh najar aane lagega.

2. Guru ke ashubh prbhav se bachne ke totke-
Laal kitab ke anusar yadi aapki janamkundli mein guru ashubh hai to aap ye upay kar saktein hai-

1.  Guruwar ke din vart rakhein.
2.  Mathey par pagdi par peela tilak lagaay ya kesar ka tilak bhi laga sakte hai.
3. Koi bhi karya shuru karne se pehly hath-muh dho le aur naak saaf kar le.
4. Kesar khana ya nabhi aur jeebh par lagana shubh hai.
5. Peepal ki jad mein jal daalein.
6. Swarn ke do tukde lekar ek ko paani mein baha de aur doosara tukda aajeevan sambhal kar rakhein.
7. Peele foolo vaale paudhe grah-vatika mein lagay.
8. Sadhu athava brahamano ki seva karein avam unka ashirwad le.
9. Pukhraj aur sunhela tarjani ungli mein dharan karein.
10. Channe ke daal aur soney ka daan bhi labhkari hai.

3. Kisi Bhi Tarah Ki Badha Ko Door Karein-

Apne parviar mein hone wala koi bhi manglik karya puja path shadi vivah janamdin tath kisi bhi prakar ki parti aadi bina badha ya rukawat ke khusaltapoorvak samapann ho jaay to iske liye us din sabse pehly ganesh ji murthi ke saaamne agarbatti jaroor jalay.  Ganesh ji ki soond ki puja jaroor karein.  Maanglik karya aanand ke sath sampat ho jaayga.  Aap "gajanan-gajanan" nirantar apne man mein bolte rahein.

4. Sukh Shanti Banay Aur Parivar Mein Khushiya Laay-
Aapke parivar mein sukh shanti sadiav ban rahein koi kalah kalesh rog irsha aadi utpann hokar aapke parivar mein katuta dushmani na badein iske niwaran ke liye ravivar ko ek mitti ke bartan mein angarey rakh kar kabhtuar ki sookhi hui beet daalkar uska dhua sabhi kamaro mein de de. Aisa karne se parivar mein ekta aur sahyog bana rahega.

5.  Jab Karya Se Jee Churane Lagey Bacche-
Adhikatar aisa hota hai ki bacche karya kushal hote hue bhi karya se jee churate hai .  School mein jaane ke bajaay kahi aur nikal jaate hai.  Aise isththi mein mata-pita ko kaafi paresaniyo ka samna karna padta hai.  Bacche sikhsa mein nipon hone par bhi bhagte rahte hai.  Siksha grahan karne ke sthan par bahane banate hai.  Aise mein aap ye totka karein-

vidhi-  Sunday ko shraabh laay aur bhairo mandir par ja kar chada aur chadane ke baad jo prasaad roopi sharabh bacchi hai us sharabh ko bacche ke sir ke upar se saat baar utarein aur phir us shraabh ko daan de ya peepak ke ped mein daal de ya shamshan mein daan kar de.  Aisa karne par baccha ki man mein parivartan aane lagega aur wo padai karne lagega.

6. Durbhagya Se Bachne Ke Liye-
Dukan, office mein morpankh lagane chahiye.  Ye negative energy ko apne andar le leti hai.  Inko ghar mein rakhne se padosiyo ki najar nahi lagti.  Kam se kam 6 morpankh rakhni chahiye.


Nitin Kumar Palmist





अंगूठे से जाने अपना भाग्य



हस्तरेखा विज्ञानं में अंगूठे का महत्व 

जुड़वाँ संतानों एवं एक ही समय खंड में उत्पन्न बच्चो की एक समान जन्मकुंडलियां ही बनेंगी, वे बच्चे विश्व के किसी देश में उत्पन्न हुये हों, परंतु क्या सभी बच्चों का जीवन एवं भाग्य, एक समान ही होगा, उत्तर मिलेगा कदापि नहीं। परंतु दूसरी ओर कभी-भी दो व्यक्तियों, चाहे वे एक ही मां की संतान क्यों न हों, उनके हाथ की रेखायें, यहां तक कि अंगूठे की रेखायें कभी भी आपस में नहीं मिलतीं। यही विषय, इस लेख का है।

अंगूठे से जाने अपना भाग्य

हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार विश्व में किन्हीं दो व्यक्तियों के प्रिन्ट्स किसी भी प्रकार से एक समान नहीं हो सकते और न ही विश्व में कोई दो मस्तिष्क एक ही समय में एक ही प्रकार के विचार-समूह को संग्रहित करने में सक्षम हो सकते हैं। प्रत्येक प्राणी की प्रवृत्तियां, उसकी चेष्टायें, उसकी विचार शक्ति एवं उसकी हस्तरेखायें भिन्न-भिन्न होती हैं।

न्यूयार्क के विद्वान् जॉर्ज-विलियम बेन्हम अपने 'दी लॉ ऑफ साइंटिफिक हैंड रीडिंग' नामक ग्रंथ में लिखते हैं-‘प्रत्येक मस्तिष्क कोष्ठक एक संयंत्र है। उस विद्युत शक्ति के द्वारा उत्पादित वैचारिक तरंगें हथेली के मध्य भाग पर या ग्राफिटिकल स्थिति में अंकित हो जाती है। वैज्ञानिकों ने भी यह सिद्ध कर दिया है कि हस्तरेखायें जन्म से लेकर मृत्यु तक अपरिवर्तित रहती हैं।

मनुष्य का अंगूठा चैतन्य-शक्ति’ का प्रधान केंद्र है। इसका संबंध सीधा मस्तिष्क से होता है। अंगूठा इच्छाशक्ति का केंद्र माना जाता है और व्यक्तित्व का प्रतिनिधित्व करता है। हस्तरेखा के महत्व के साथ ज्यादा महत्व अंगूठे का माना जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार ‘अंगूठे के नीचे स्थित नाड़ी समूह से शरीर में प्राण संचार होता है।

'अंगुष्ठमात्रो रवि तुल्य रूप, संकल्पाहकार समन्वितोय: | बुद्धेर्मुणेनात्मगुणेन चैव, आराग्रमात्रो हरपरोपि: ||”
—श्वेताश्वतरोपनिषद् -

प्रस्तुत मंत्र में अंगुष्ठमात्र शुद्ध जीवात्मा का वाचक है। वेद मंत्रों में शब्दार्थ से भावार्थ (गूढ़ार्थ) का महत्व ज्यादा है। ऋषि ने जीवात्मा को सूर्य के समान तथा संकल्प और अहंकार से युक्त कहा है। सूर्य प्राणशक्ति का द्योतक है।

सामुद्रिक शास्त्र ने भी अंगूठे को तीन भागों में विभक्त किया है। प्रथम ऊपर का भाग-ब्रह्मा, मध्य विष्णु तथा अंतिम (शुक्र स्थल) शिव से संचालित माना है जो कि क्रमश: सत्व, रज और तम के प्रतीकात्मक रूप हैं।

"ईशानो भूतभव्यस्य स एवाद्य स उशव:''

इस सूक्ष्म तत्व की एकरूपता अक्षुण्ण है। भूत, भविष्य, वर्तमान पर शासन करने वाला वह परम तत्व जैसा आज है वैसा कल भी रहेगा। इसी प्रकार मनुष्य के हाथ की रेखायें घटती-बढ़ती एवं बनती-बिगड़ती (तीन मुख्य को छोड़कर) रहती हैं। परंतु अंगूठे पर बनी हुई सूक्ष्म रेखाएं अपरिवर्तनशील हैं। तभी तो प्रत्येक कार्ड आदि पर अंगूठे की छाप को विशिष्ट महत्व दिया गया है।

अंगूठे का महत्व क्यों?

किसी वस्तु की पकड़ अंगूठे के बिना संभव नहीं, हस्ताक्षर एवं लिखने हेतु जब कलम पकड़ी जाती है तो कलम तर्जनी व अंगूठे के कपन से चलती है। तर्जनी अंगुली बृहस्पति की अंगुली कहलाती है, जो 'सरस्वती का प्रतिनिधित्व करती हुई, विद्या-प्रवाह को निरंतरता प्रदान करती रहती है। अंगूठा कलम को बगल से दबाव डालकर उसके संचालन का कार्य करता है। मस्तिष्क का सीधा संबंध अंगूठे की कोशिकाओं तक होने से मस्तिष्क के भावों का स्पष्ट अंकन अंगूठे द्वारा ही संभव है। इसी कारण हस्ताक्षर तथा लेखन (राईटिंग)" द्वारा मनुष्य की प्रकृति आदि पता'राइटिंग विशेषज्ञ लगाते हैं।


• एलिजाबेथ पी. होफमैन के अनुसार -रूस के मेडिकल संस्थान के वैज्ञानिक अंगूठे की परीक्षा करके बता सकते हैं कि अमुक व्यक्ति को भविष्य में लकवा होगा या नहीं? लकवा होने की स्थिति में, अंगूठे का ऑपरेशन करके वहां की शिराओं को ठीक कर देने से फिर लकवा होने की आशंका नहीं रहती। यदि किसी अशक्त रोगी का अंगूठा ढीला होकर हथेली पर गिर पडे तो उसकी मृत्यु चौबीस घंटे के अंदर निश्चित है। इस प्रकार अंगूठा प्राण-शक्ति का द्योतक है।

रोमन लोग कटे हुए अंगुष्ठ वाले मनुष्य को डरपोक की संज्ञा देते हैं तथा इंगलिश व फ्रेंच भाषा में प्रयोग हुआ है। इसके विपरीत अंगूठे का सुदीर्घ व पुष्ट होना सुदृढ़ व परिपुष्ट तर्क-ज्ञान, विवेकशीलता व सुसंस्कृत व्यक्ति की गरिमा को दशतिा है।

भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों को ठीक करने के लिए प्रायः सबसे पहले उनकी कनिष्ठिका अंगुली व अंगूठे को दबाया जाता है। इसका वैज्ञानिक रहस्य यह है कि कनिष्ठिका वास्तव
में बुध की अंगुली होती है तथा चंद्र पर्वत को भी अधिकार में लिये हुये होती है। बुध बुद्धि का व चंद्र मन तथा कल्पना का कारक ग्रह है। इन दोनों के दबाने से वह व्यक्ति विशेष सचेष्ट, सतर्क होकर अपने अनुभव व विचारों को वाणी के द्वारा शीघ्र प्रकट करने के लिए बाध्य हो जाता है अथति होश में आ जाता है। अंगूठे पर बनी धारियों से मनुष्य की जन्मजात बीमारियों तथा आपराधिक प्रवृत्तियों का पता लगाया जा सकता है। बंगाल के पुलिस कमिश्नर रिचर्ड हेनरी ने 'क्रोमोनोलॉजी' (अपराध विज्ञान) क्षेत्र में बहुत दिलचस्पी ली और जून 1897 में उन्होंने कलकत्ता में विश्व का पहला फिगर प्रिंट ब्यूरो' स्थापित किया ।

इतिहास :-
सौभाग्य की बात है की विश्व भर में प्रचलित उंगलियो की छाप पर आधारित वैज्ञानिक प्रक्रिया के सूत्रपात का श्रेय भारत को जाता है । इस क्षेत्र में सर हेनरी के गुरु सब इंस्पेक्टर श्री अजीजुल हक़ के योगदान को नकारा नहीं जा सकता | श्री हक ने उंगलियो के पोरों पर रेखाओं की गोलाइयों के आधार पर ऐसे सिद्धान्तों का आविष्कार किया जिससे उंगलियो के निशानों का वर्गीकरण अत्यंत सरल हो गया ।

इसी के लिये उन्हें उस जमाने में पांच हजार रुपये का पुरस्कार देकर 'खान साहब' की उपाधि दी गयी थी | सन 1905 में श्री हेनरी के प्रयासों से श्री अजीजुल हक को स्कॉटलैंड यार्ड के विशेषज्ञ के रूप में प्रतिष्ठित किया गया | आज स्कॉटलैंड यार्ड में 25,00,000 से अधिक अंगुलियों के निशान हैं।

पुलिस अपराध शाखा द्वारा प्रस्तुत त्वचा-शक्तियों, हस्तरेखा विशेषज्ञ, ज्योतिषियों के वर्गीकरण से सर्वथा भिन्न होता है।

इस समय विश्व का अंगुलियों के निशानों की छाप का सबसे बड़ा संग्रह अमरीका के एफ. बी. आई. (फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन) के कार्यालय में है। यहां प्रतिदिन दस हजार लोगों की अंगुलियों के निशान संग्रह हेतु आज भी लिये जाते हैं। अंगुष्ठ पर चिह्न : भारतीय ऋषियों ने हजारों वर्ष पूर्व आकृति के अनुसार इन्हें तीन श्रेणियों में विभक्त किया है। ये हैं- शंख, चक्र व शुक्ति।

यदि चक्र का चिह्न हो तो उसको अपने पिता व पितामह का धन प्राप्त होता है। इसके विपरीत यदि अंगूठे पर शंख या अन्य आकृति का चिह्न हो तो उसे अपने बाप-दादा के संचित धन का लाभ नहीं होता है। अंगूठे पर बारह राशियों के चिह्न पाये जाते हैं जिनके द्वारा हम उस व्यक्ति की जन्मकुंडली बना सकते हैं।

मुख्यतः अंगूठे से अंशात्मक लग्न भी निकाला जा सकता है।

नितिन कुमार पामिस्ट



PALM READING SERVICE


SEND ME YOUR PALM IMAGES FOR DETAILED & PERSONALIZED PALM READING



Question: I want to get palm reading done by you so let me know how to contact you?
Answer: Contact me at Email ID: nitinkumar_palmist@yahoo.in.


Question: I want to know what includes in Palm reading report?

Answer: You will get detailed palm reading report covering all aspects of life. Past, current and future predictions. Your palm lines and signs, nature, health, career, period, financial, marriage, children, travel, education, suitable gemstone, remedies and answer of your specific questions. It is up to 4-5 pages.



Question: When I will receive my palm reading report?

Answer: You will get your full detailed palm reading report in 9-10 days to your email ID after receiving the fees for palm reading report.



Question: How you will send me my palm reading report?

Answer: You will receive your palm reading report by e-mail in your e-mail inbox.



Question: Can you also suggest remedies?

Answer: Yes, remedies and solution of problems are also included in this reading.


Question: Can you also suggest gemstone?

Answer: Yes, gemstone recommendation is also included in this reading.


Question: How to capture palm images?

Answer: Capture your palm images by your mobile camera or you can also use scanner.


Question: Give me sample of palm images so I get an idea how to capture palm images?

Answer: You need to capture full images of both palms (Right and left hand), close-up of both palms, and side views of both palms. See images below.



Question: What other information I need to send with palm images?

Answer: You need to mention the below things with your palm images:- 



  • Your Gender: Male/Female 
  • Your Age: 
  • Your Location: 
  • Your Questions: 

Question: How much the detailed palm reading costs?

Answer: Cost of palm reading:


  • India: Rs. 600/- 
  • Outside Of India: 20 USD

( For instant palm reading in 24 hours you need to pay extra Rs. 500 or 15 USD ) 

Question: How you will confirm that I have made payment?

Answer: You need to provide me some proof of the payment made like:

  • UTR/Reference number of transaction. 
  • Screenshot of payment. 
  • Receipt/slip photo of payment.

Question: I am living outside of India so what are the options for me to pay you?

Answer: Payment options for International Clients:

International clients (those who are living outside of India) need to pay me 20 USD via PayPal or Western Union Money Transfer.

  • PayPal (PayPal ID : nitinkumar_palmist@yahoo.in)
    ( Please select "goods or services" instead of "personal" )

  • Western Union: Nitin Kumar Singhal from Jodhpur, Rajasthan.

Question: I am living in India so what are the options for me to pay you?


Answer: Payment options for Indian Clients:

  • Indian client needs to pay me 600/- Rupees in my SBI Bank via netbanking or direct cash deposit.

  • SBI Bank: (State Bank of India)
       Nitin Kumar Singhal
       A/c No.: 35109551560
       IFSC CODE: SBIN0003258
       Branch: Shastri Nagar
       City: Jodhpur, Rajasthan. 



  • ICICI BANK: 
      (Contact For Details)

Email ID: nitinkumar_palmist@yahoo.in



FREE PALMISTRY ARTICLES


In this palmistry website you will find palmistry articles in both Hindi and English languages with pictures, figures and diagrams. If you are interested in palmistry and want to become an expert then this blog will be helpful for you and guide you how to read palms.

You can learn basics of palmistry, lines on hand, signs on hand, and you can learn about Indian Palmistry here.


लाल किताब के प्रभावशाली टोटके


यदि आप पारिवारिक या व्यवसायिक समस्या से मुक्ति पाना चाहते है तो यहाँ दिए गए उपायो को एक बार अवश्य करें । आपको अवश्य लाभ होगा । आज अधिकतर लोग किसी न किसी परेशानी से ग्रस्त है । किसी को व्यापार में घाटा हो रहा है , किसी को नौकरी नहीं मिल रही है , कोई भूत-प्रेत या ऊपरी हवाओ से परेशान है, कोई संतान के न होने से दुखी है तो कोई भयंकर रोगो से ग्रस्त है ।

यहाँ पर प्राचीन टोन टोटके द्वारा  अनेक समस्याओ का समाधान प्रस्तुत किया गया है ।

राशि रत्न



अपना राशि रत्न प्राप्त करें । सभी राशियों के रत्न लैब से प्रमाणित  मिलते है । यदि आप अपना राशि रत्न लेना चाहते है तो व्हाट्सप्प पर संपर्क करें ।

Whatsapp No:- 8696725894




Client's Feedback - APRIL 2017



If you don’t have your real date of birth then palmistry is there to help you for future life predictions.  Our palm lines, signs, mounts and shapes which are very useful in predicting the person’s life. We can predict your future from the lines and signs of your both palms. We can predict your future by studying your palm lines and signs. There is no need to send us your date of birth , time of birth , place of birth etc . Palm told the personality ,future ups and downs thus a experienced palmist can guide you to deal with upcoming challenges with vedic remedies.

My Website: http://www.indianpalmreading.com