Thursday, August 21, 2014



हस्तरेखा और भाग्य रेखा (Hastrekha Aur Bhagya Rekha)



हस्तरेखा और भाग्य रेखा  

वर्तमान समय के जन मानस में भाग्य शब्द अपरिचित नहीं हंै। आज अगर कोई कार्य समय पर नहीं हो पाता या उसमें किसी भी प्रकार की अड़चन आती है तो भाग्य को ही दोष दिया जाता है ।  

गीता के अठारहवें अध्याय में कहा गया है कि भगवान श्री कृष्ण का सारा परिश्रम भाग्य के नीचे दब गया और उसमें लिखा है कि ”दैवंचैवात्र पंचमम्“। वास्तव में देखा जाय तो भाग्य एक बाजार है जहां थोड़ी देर ठहरने के बाद भाव गिर जाते हैं।  

 बालक अपने पूर्व जन्म के संस्कारों के आधार पर जिस परिवार में जन्म लेता है उसका परिवेश परिजन बड़ी तन्मयता से पालन करता है। इस जीवन में जो कुछ मनुष्य कर्म करता है। वह धीरे धीरे संचय होता जाता है और उसकी एक तलपट तैयार होती जाती है, हम उसे कलान्तर में भाग्य का रुप दे देते हैं। आज का जो हमारा पुरुषार्थ है वही कल का भाग्य है, वास्तव में कर्मफल भोग के परिपाक को ही भाग्य कहते हैं।

मातृ दोषेण दुःशीलो, पितृ दोषेण मूर्खता। कार्पण्य वंश दोषेण, स्वदोषेण दरिद्रता।। (श्रीमद्भागवत महापुराण)  

मनुष्य यदि चरित्रहीन हो तो उसकी माता में दोष सम-हजयना चाहिए, यदि वह मूर्ख है तो उसके पिता का दोष सम-हजयना चाहिए, यदि वह गरीब है तो किसी का दोष नहीं स्वयं का दोष सम-हजयना चहिए। इन्ही दस अंगुलियों द्वारा किये गये काम से दैनिक सप्ताहिक मासिक या वार्षिक रुप से भाग्य का संचय होता है। शनि रेखा या भाग्य रेखा मनुष्य का जीवन चक्र बतलाती है। उसका कारबार, व्यक्तित्व, आर्थिक उन्नति, परिवर्तन, व्याप्त प्रवृतियां इन सब का चित्रण भाग्य रेखा या शनि रेखा करती है।    



भाग्य रेखा का उद्गम स्थान मणिबन्ध है, वहां से निकलने वाली रेखा मध्यमा अंगुली की ओर जाती है। इस रेखा के मार्ग में आने वाले अनेक चिह्न एवं रेखाओं का भिन्न-ंउचयभिन्न अर्थ निकलते हैं। 1.अ. भाग्य रेखा आयु रेखा में से निकलकर शनि पर्वत को जाये तो व्यक्ति का शुरुआती जीवन कुछ कठिनाई युक्त व्यतीत होता है। मेहनत से कार्य करके ये लोग प्रायः 21 वर्ष की आयु के पश्चात उन्नति करते हैं।






1.स. मणिबन्ध से प्रारम होनेवाली भाग्य रेखा शुभ मानी जाती है। आरम्भ में यदि मत्स्य रेखा हो तो अत्यन्त शुभ माना जाता है। यही रेखा चैकोर हाथ में होने से व्यक्ति काफी अधिक धन कमाता है तथा काम से जी नहीं चुराता है। यही रेखा दार्शनिक हाथ में होने से कम काम करने से अधिक पैसा प्राप्त होता है।  





2.अ. मस्तिष्क रेखा से भाग्य रेखा शुरु होने पर काफी परेशानी को -हजयेलने के बाद व्यक्ति का कार्य प्रगति पथ की ओर अग्रसर होता पाया गया है।   

2.ब. यदि भाग्य रेखा शनि पर्वत तक जाती है तो व्यक्ति की बृद्धावस्था सुखमय व्यतीत होती है।  

2.स. भाग्य रेखा के समाप्ति स्थान पर क्रास का चिह्न घातक संकेत है।   

3.अ. चन्द्र क्षेत्र से निकलने वाली भाग्य रेखा से दूसरों की सहायता या प्रोत्साहन से सफलता प्राप्त होती है राजनीतिज्ञ एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के हाथों में ऐसी रेखा अधिकांश पायी जाती है।  

3.ब. सीधी जाती हुई भाग्य रेखा में चन्द्र क्षेत्र से आकर अन्य रेखा मिलने पर व्यक्ति इच्छानुसार सफल होगा परन्तु किसी की सहायता से।  

3.स. यही रेखा स्त्रियों के हाथ में होने से उसका विवाह या तो धनवान से होगा या फिर किसी द्वारा धन की सहायता प्राप्त होगी।   



4.अ. यदि भाग्य रेखा वृहस्पति क्षेत्र में पहुंच जाये तो व्यक्ति को अधिकार और विशिष्टता प्राप्त होती है ऐसे लोग उच्च पदों को प्राप्त करते हैं। इसके अलावा अगर अन्य शुभ लक्षण हों तथा रेखा के अन्त में त्रिशूल का आकार होवे तो यह राज योग होता है।   

4.ब. यदि भाग्य रेखा की कोई शाखा वृहस्पति क्षेत्र में पहंुच जाये तो अति उत्तम योग होता है तथा ऐसे व्यक्ति अत्यंत महत्वाकांक्षी होते हैं।   

4.स. शनि क्षेत्र में पहुंचने वाली भाग्य रेखा अच्छा फल देती है।  

5.अ. जंजीरनुमा भाग्य रेखा व्यक्ति को दुःख में डाल देती हैं   

5.ब. दो भाग्य रेखा हो तथा उसमें कोई दोष न हो तो व्यक्ति उन्नति करता है, सम्मान प्राप्त करता है, यह रेखा समानांन्तर होगी तो भी शुभ फल प्रदान करेगी।   

5.स. यदि भाग्य रेखा हाथ को पार करके मध्यमा में पहुंच जाये तो लक्षण शुभ नहीं होता, वह व्यक्ति हमेशा सीमा और नियम कायदे का उल्लंघन करता है।   

6.अ. यदि भाग्य रेखा शीर्ष रेखा पर ही रूकती हो तथा पुनः वहां से वृहस्पति क्षेत्र में पहुंचती हो तो व्यक्ति को प्रेम भावना के कारण बाधा उत्पन्न होती है। परन्तु गुरु के प्रभाव से पुनः प्रेम सम्बन्ध से सहायता द्वारा अभिलाषा पूर्ण होती है।   

6.ब. शीर्ष रेखा द्वारा भाग्य रेखा रुक जाय तो व्यक्ति को स्वयं की गलती से असफलता मिलती है।   

6.स. मंगल पर्वत से भाग्य रेखा शुरु होने पर भ्रम, शंका आदि का डर रहता है। यही रेखा शनि क्षेत्र पर जाने से बाधाओं में सफलता तथा धैर्य, श्रम, और लगन से उन्नति होती है।     

7.अ. शुक्र पर्वत की ओर से आकर कई बारीक रेखायें जब भाग्य रेखा को काटती हैं, तो पारिवारिक कष्ट और उल-हजयनों का सामना करना पड़ता है।  

7.ब. भाग्य रेखा मध्य में खण्डित होने से या टूट जाने से कुछ समय के लिए जीवन निष्क्रिय हो जाता है।   

7.स. भाग्य रेखा से हृदय रेखा की ओर जाने वाली छोटी रेखायें हो तो व्यक्ति के जीवन में प्रेम का ऐसा भी क्षण आता है कि जिनका अन्त विवाह बाद भी नहीं होता।   

8.अ. त्रिकोण से (दोनों हाथों में) शुरु होने वाली भाग्य रेखा व्यक्ति को बौद्धिक योजनाओं में सफलता प्रदान करती है।   

8.ब. भाग्य रेखा के शुरुआत में टे-सजय़ी-ंउचयमे-सजय़ी रेखा एवं श्रृंखला व्यक्ति के बचपन में कष्ट का संकेत देती है।   

8.स. भाग्य रेखा मध्य में हल्की पड़ जाने से उसके मध्य जीवनकाल में सुखमय समय का प्रतीक है।   

9.अ. दोनों हाथों में बुध पर्वत पर जानेवाली भाग्य रेखा व्यापार में सफलता देती है।   

9.ब. शुक्र पर्वत से एक गहरी रेखा भाग्य रेखा की ओर जाये तो व्यक्ति हिंसात्मक काम भावना वाला होता है।   

9.स. यदि इसी रेखा के साथ अन्य रेखा भी जाती हो तो भारी बाधाओं पर आनन्दपूर्ण विजय होती है।    

10.अ. भाग्य रेखा पर नीचे की ओर जाने वाली शाखायें व्यक्ति को आर्थिक कष्ट देती है।   

10.ब. भाग्य रेखा तीन जगह से बीच में टूटने से वात रोग द्वारा कष्ट होता है।   

10.स. अगर भाग्य रेखा को कोई अन्य शाखा काटती हुई बुध की जाली को पार कर जाये तो व्यक्ति की बेईमानी उसे ले डूबती है तथा उसे पश्चाताप करना होता है।   

11.अ. चन्द्र क्षेत्र से सूर्य या बुध क्षेत्र को सीधी जाने वाली भाग्य रेखा व्यक्ति को व्यापार से महान सफलता दिलाती है। ऐसे लोगों को साहित्य और कला में भी सफलता मिलती है।   

11.ब. मष्तिष्क रेखा से शुरु होने वाली भाग्य रेखा का व्यक्ति शराब या नशीले पदार्थों की दुकान आदि चलाता है।   

11.स. जिन हाथों में भाग्य रेखा नहीं पायी जाती वे जीवन में सफल तो होते हैं पर उनमें विशेष निखार या तेज नहीं पाया जाता है। ऐसे लोगों को सामान्य सुखी कहा जा सकता है।


सौजन्य  - सरल हस्तरेखा पुस्तक 

Hastrekha Vigyan Aur Fate Line


हस्तरेखा का स्वरुप



            हस्त रेखा का स्वरूप 



सबसे पहले हमें यह बात अच्छी तरह जान लेनी चाहिए कि विभिन्न प्रकार के हाथों पर पाई जाने वाली विभिन्न रेखाओं को मिलाकर देखे जाने वाले अर्थ आज की नहीं बल्कि उस पुरातन काल की बातें हैं जब यह विज्ञान उन लोगों के हाथों में था जिन्होंने इसके विकास के लिए अपना जीवन अर्पित कर दिया। अब जिस प्रकार चेहरे पर नाक या होठों के सहज स्थान की पहचान की गई, उसी प्रकार हाथ का अध्ययन करते हुए एक ऐसा समय आया जब मस्तिष्करेखा और जीवनरेखा की स्थिति के अनुसार पहचान की जाने लगी। इस प्रकार का निर्धारण मूल रूप से किस प्रकार खोज निकाला गया। उसका विवेचन हमारे कार्यक्षेत्र में नहीं हैं, लेकिन इन निर्धारणों के सत्य को प्रमाणित किया जा सकता है और सरसरी तौर पर कोई भी व्यक्ति हाथ का स्वयं निरीक्षण करके इसे स्वीकार कर लेगा। इस क्षेत्र में यह प्रमाणित होता है कि मस्तिष्क रेखा पर बने कुछ चिह्न एक या किसी दूसरी मानसिक विशेषता को बताते हैं, या जीवन-ंउचयरेखा पर बने विशेष चिह्नों का सम्बन्ध जीवन की लघुता या दीर्घता से है, तो यह स्वीकार करना तर्कहीन नहीं हो सकता कि इसी प्रकार के निरीक्षण से रोग, आरोग्य, पागलपन और मृत्यु आदि की भविष्यवाणी भी की जा सकती है। अगर और जोर देकर कहा जाए, तो यह भी सही-ंउचयसही बताया जा सकता है कि जीवन के किस पड़ाव पर पहुँचकर उसका विवाह होगा।  

मेरा इस सम्बन्ध में तर्क यह है कि निश्चय ही मनुष्य के पास स्वतन्त्र इच्छाशक्ति है, लेकिन कुछ सीमाओं तक है। ठीक उसी प्रकार जिस प्रकार जीवन के अन्य क्षेत्रों की सीमाएं होती हैं-ंउचय जिस प्रकार मनुष्य की शक्ति की, उसके कद या ऊंचाई की, उसकी आयु की या इसी प्रकार अन्य बातों की। स्वतन्त्र इच्छा शक्ति किसी सिलिन्डर के दोलन की तरह है, जो दोलन निर्माण या जीवन के आरम्भिक शाश्वत यन्त्र को चलायमान रखता है।   

क्या हमारे जीवन को बनाने और नियन्त्रित करने वाले किसी अदृश्य, नियम, या किसी रहस्यमय कारण अथवा शक्ति में विश्वास करना कठिन है? यदि एक बार भी हमें ऐसा प्रतीत हो तो भी हमें उन अनेक बातों पर विचार करना चाहिए जिनका आधार उनसे कम ठोस है। लेकिन हम उन पर विश्वास करते आये हैं। यदि हम स्थिर विचार करें तो हमें स्वीकार करना पड़ेगा, कि अनेक धर्म, विचार, धारणाएँ और सिद्धान्त हैं जिनके प्रति न केवल जनसमूह के मन में आस्था है बल्कि बुद्धिजीवियों के ठोस विश्वास के भी केन्द्र रहे हैं।  इस प्रकार मनुष्य अपने भाग्य का निर्माता भी है और दास भी है। वह केवल अपने अस्तित्व या अपनी विद्वता से ऐसे विधान सक्रियता में लाता है जिनकी प्रतिक्रिया उस पर होती है और उसके माध्यम से दूसरों पर होती है। जो वर्तमान है वह अतीत का परिणाम है और जो भविष्य में होने वाला है उसका कारण भी वर्तमान है।  

विगत जीवन के कर्म ही वर्तमान को प्रभावित करते हैं, और वर्तमान के कर्म भविष्य पर अपना प्रभाव डालते हैं। मानव जीवन का यही क्रम है, जो सृष्टि के आरम्भ से चला आ रहा है और जब तक सृष्टि है यह क्रम इसी प्रकार चलता रहेगा। हम जिस मत का अनुपालन और अनुमोदन कर रहे हैं, वह समाज के सभी वर्गोंे के लिए उपयुक्त होगा। अपनी निःस्वार्थ भावनाओं द्वारा लोगो ंको ऊंचा उठायेगा और उनके दृष्टिकोण को उदार तथा विस्तृत बनायेगा। हठधर्मिता के स्थान पर उन्हें सत्य की सच्चाई दिखाई देगी।  


दूसरी ओर प्रारम्भ या भाग्यवाद पर सच्ची आस्था रखने वाला व्यक्ति अपने हाथों को रोककर प्रतीक्षा नहीं करेगा। वह उनसे काम लेगा। सन्तोष और तत्परता से अपने काम में जुट जाएगा यही विश्वास लेकर कर्मपथ पर अग्रसर होगा।   

उपर्युक्त बातों से आपको ज्ञात हो गया होगा की हस्तरेखा विज्ञान तथा निगू-सजय़ विज्ञान किस प्रकार स्वयं को जीवित रख पाने में समर्थ रहा है हमने देखा है कि कठोर नियमों वाला भौतिक विज्ञान ऐसे तथ्य प्रस्तुत करता है जो हस्तरेखा विज्ञान के पक्ष में जाते हैं। यह विषय जनसाधारण की भलाई का ही साधन है। क्योंकि इसके सिद्धान्त मानव जाति को अपनी जिम्मेदारियों को सम-हजयने में समर्थ बनाते हैं, इनके द्वारा हमें भविष्य के सम्बन्ध में चेतावनी मिलती है। इस विज्ञान में सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण गुण यह है कि यह स्वयं को पहचानने में सहायक सिद्ध होता है। इसकी सच्चाई और यथार्थता के कारण हमें इसे प्रोत्साहन देना चाहिए और अधिक समृद्ध करना चाहिए। इसे सीखना और दूसरों को सिखाना चाहिए उसे और उपयोगी बनाने के लिए उसका समर्थन करना चाहिए।


सौजन्य  - सरल हस्तरेखा पुस्तक 

Hastrekha Vigyan Aur Fate Line


Know About Your Sex Drive From Your Hand In Palmistry






Mount of Venus represents sex and love in palmistry.  If Mount of Venus is bulgy or prominence then it signifies activeness, energetic, romantic and sensual by nature. If Mount of Venus is overdeveloped then it signifies oversexed, more interest in sex than usual or excessive sexual appetite. If Mount of Venus is flat or depressed then it signifies less activeness, less interest in sex, low libido, less energy and dull personality. 



Palm Reading Service


SEND ME YOUR PALM IMAGES FOR DETAILED & PERSONALIZED PALM READING



Question: I want to get palm reading done by you so let me know how to contact you?
Answer: Contact me at Email ID: nitinkumar_palmist@yahoo.in.


Question: I want to know what includes in Palm reading report?

Answer: You will get detailed palm reading report covering all aspects of life. Past, current and future predictions. Your palm lines and signs, nature, health, career, period, financial, marriage, children, travel, education, suitable gemstone, remedies and answer of your specific questions. It is up to 4-5 pages.



Question: When I will receive my palm reading report?

Answer: You will get your full detailed palm reading report in 7-10 days to your email ID after receiving the fees for palm reading report.



Question: How you will send me my palm reading report?

Answer: You will receive your palm reading report by e-mail in your e-mail inbox.



Question: Can you also suggest remedies?

Answer: Yes, remedies and solution of problems are also included in this reading.


Question: Can you also suggest gemstone?

Answer: Yes, gemstone recommendation is also included in this reading.


Question: How to capture palm images?

Answer: Capture your palm images by your mobile camera or you can also use scanner.


Question: Give me sample of palm images so I get an idea how to capture palm images?

Answer: You need to capture full images of both palms (Right and left hand), close-up of both palms, and side views of both palms. See images below.



Question: What other information I need to send with palm images?

Answer: You need to mention the below things with your palm images:- 



  • Your Gender: Male/Female 
  • Your Age: 
  • Your Location: 
  • Your Questions: 

Question: How much the detailed palm reading costs?

Answer: Cost of palm reading:


  • India: Rs. 600/- 
  • Outside Of India: 20 USD


Question: How you will confirm that I have made payment?

Answer: You need to provide me some proof of the payment made like:

  • UTR/Reference number of transaction. 
  • Screenshot of payment. 
  • Receipt/slip photo of payment.

Question: I am living outside of India so what are the options for me to pay you?

Answer: Payment options for International Clients:

International clients (those who are living outside of India) need to pay me 20 USD via PayPal or Western Union Money Transfer.

  • PayPal (PayPal ID : nitinkumar_palmist@yahoo.in)
    ( Please select "goods or services" instead of "personal" )

  • Western Union: Nitin Kumar Singhal from Jodhpur, Rajasthan.

Question: I am living in India so what are the options for me to pay you?


Answer: Payment options for Indian Clients:

  • Indian client needs to pay me 600/- Rupees in my SBI Bank via netbanking or direct cash deposit.

  • SBI Bank: (State Bank of India)
       Nitin Kumar Singhal
       A/c No.: 35109551560
       IFSC CODE: SBIN0003258
       Branch: Shastri Nagar
       City: Jodhpur, Rajasthan. 



  • ICICI BANK: 
      (Contact For Details)

Email ID: nitinkumar_palmist@yahoo.in



Free Palmistry Articles



In this palmistry website you will find palmistry articles in both Hindi and English languages with pictures, figures and diagrams. If you are interested in palmistry and want to become an expert then this blog will be helpful for you and guide you how to read palms.

You can learn basics of palmistry, lines on hand, signs on hand, and you can learn about Indian Palmistry here.


लाल किताब के प्रभावशाली टोटके


यदि आप पारिवारिक या व्यवसायिक समस्या से मुक्ति पाना चाहते है तो यहाँ दिए गए उपायो को एक बार अवश्य करें । आपको अवश्य लाभ होगा । आज अधिकतर लोग किसी न किसी परेशानी से ग्रस्त है । किसी को व्यापार में घाटा हो रहा है , किसी को नौकरी नहीं मिल रही है , कोई भूत-प्रेत या ऊपरी हवाओ से परेशान है, कोई संतान के न होने से दुखी है तो कोई भयंकर रोगो से ग्रस्त है ।

यहाँ पर प्राचीन टोन टोटके द्वारा  अनेक समस्याओ का समाधान प्रस्तुत किया गया है ।

राशि रत्न



अपना राशि रत्न प्राप्त करें । सभी राशियों के रत्न लैब से प्रमाणित  मिलते है । यदि आप अपना राशि रत्न लेना चाहते है तो व्हाट्सप्प पर संपर्क करें ।

Whatsapp No:- 8696725894




Client's Feedback - March 2017



If you don’t have your real date of birth then palmistry is there to help you for future life predictions.  Our palm lines, signs, mounts and shapes which are very useful in predicting the person’s life. We can predict your future from the lines and signs of your both palms. We can predict your future by studying your palm lines and signs. There is no need to send us your date of birth , time of birth , place of birth etc . Palm told the personality ,future ups and downs thus a experienced palmist can guide you to deal with upcoming challenges with vedic remedies.

My Website: http://www.indianpalmreading.com